Agriculture Success Story : मशरूम और वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन से ये किसान बने सफल किसान और मिसाल

Agriculture Success Story of Mushroom Farmer Rakesh Dubey मशरूम और वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन से ये किसान बने सफल किसान और मिसाल : देश के किसान कई प्राकर से उन्नत खेती (Advanced farming) के गुण सिखकर न सिर्फ अच्छी खेती कर रहे हैं बल्कि उस खेती से लाखों कमा भी रहे हैं, लेकिन आज देश के कई किसान ऐसे हैं जो अभी तक उन्नत खेती (Advanced farming) के गुण समझ नहीं पाए हैं। वहीं देखा जाए तो इस मौजूदा समय में बहुत ऐसे किसान हैं जो आधुनिक तरीके से खेती (Modern farming) करके खेती (farming) की दुनिया में मिसाल कायम कर रहें है।

agriculture Success Story of Mushroom Farmer Rakesh Dubey

agriculture Success Story of Mushroom Farmer Rakesh Dubey

Agriculture Success Story – मशरूम और वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन से ये किसान बने सफल किसान और मिसाल

आज हम आपको उन्हीं सफल किसानों (Successful farmers) में से एक सफल किसान राकेश दुबे (Successful farmer Rakesh Dubey) के बारे में बताने जा रहे हैं, जो यूपी के मऊनाथ भंजन जिला के खंडेरायपुर, विकासखंड के रहने वाले है। किसान राकेश दुबे (Successful farmer Rakesh Dubey) विगत कई सालों से मशरूम की लाभकारी खेती (Mushroom farming) से अच्छी कमाई कर रहें है। मीडियो को दिए अपने एक इंटरव्यू में ऐसे में Successful farmer Rakesh Dubey ने अफने औप अपनी मशरूम की उन्नत खेती (Advanced farming) के बारे में कई राज बताए हैं, तो जानते हैं क्या है वो राज की बातें, जिनसे ये किसान लाखों की कमाई कर रहे हैं।

Rakesh Dubey ने अफने बारें में बता रहे हैं

Successful farmer Rakesh Dubey ने अपने बारे में बात करते हुए बताया कि उन्होंने graduate के अलावा D.L.Ed. भी किया है और साथ ही वो अभी भी competition की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा वो मशरूम और वर्मी कम्पोस्ट (Mushroom and Vermi Compost) का उत्पादन करते हैं। Rakesh Dubey बताते हैं कि मुझें मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में अपने जिले में काम करने के लिए चौधरी चरण सिंह के जयंती (Chaudhary Charan Singh’s birth anniversary) पर मऊ किसान मेले में जिलाधिकारी के द्वारा प्रमाण भी मिला है। इसके अलावा कृषि विज्ञान (Agriculture Science) केंद्र द्वारा प्रशस्ति पत्र भी मिला है।

मशरूम उत्पादन का विचार मन में कैसे आया

Rakesh Dubey बताते हैं कि मेरे जिले में मशरूम उत्पादन (Mushroom production) का काम बिलकुल भी नहीं होता है। हमारे यहां के स्थानीय बाजार (local market) में लोग बाहर से मशरूम मंगवाया करते थे और हर गांव की तरह ही हमारे गांव के किसान भी खेतों में ही धान के पुवाल (Paddy straw) और भूसे को जला (Burn straw) देते थे, जिससे खेतों में और मुनाफे में नुकसान के अलावा और कुछ नहीं मिलाता था। अगर किसान पुवाल और भूसे (Puval and straw) का इस्तेमाल मशरूम उत्पादन और वर्मी कम्पोस्ट (Mushroom Production and Vermi Compost) बनाने में करते तो वे किसानों की अच्छी-साखी कमाई को बढ़ा सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मशरूम उत्पादन (Mushroom Production) का विचार मेरे मन में आया।

मशरूम उत्पादन का कब से कर रहें है

farmer Rakesh Dubey आगे बताते हैं कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ साइड वर्क (Side work) के तौर पर मशरूम उत्पादन (Mushroom Production) और केंचुआ खाद (Earthworm manure) बनाने का काम 4 साल पहले Small level पर शुरू किया था, जिससे वो इसे अपने आस-पास के गांव और ऐरिया में बेचकर अच्छी कमाई किया करते थे। हाल के समय में वो अब खाद को अपने खेतों में इस्तेमाल करके जैविक विधि से धान (Paddy by organic method), गेहूं (Wheat), सब्जी (Vegetable) उगा रह हैं, जिससे उनको अब रासायनिक मुक्त फसल (Chemical free crop) ज्यादा पैदावार के साथ मिल रही है।

मशरूम का उत्पादन करने के अलावा और क्या करते है

farmer Rakesh Dubey बताते हैं कि वो साल में बटन मशरूम (button mushroom), आयस्टर मशरूम (Oyster mushroom) और मिल्की मशरूम (Milky Mushroom) उगाते हैं। इसके अलावा अभी तक उन्होंने 1200 लोगों को मशरूम उत्पादन (Mushroom Production) और केचुआ खाद (Earthworm manure) का निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया है। Rakesh Dubey बताते हैं मैं खुद अपने खर्चे पर अपने जिले के गांवों में जाकर 20-30 लोगों को इकठ्ठा करके प्रशिक्षण देता हूँ।

ताकि हर गांव में किसान इसे अपनाकर अपनी कमाई का स्त्रोत बढ़ाएं और धान, पुआल का सही इस्तेमाल से मशरूम और केंचुआ खाद (Mushroom Production and Vermi Compost) का उत्पादन करें और अपने खेतों में जैविक खाद (Organic manure) का इस्तेमाल करके खेत को रसयान मुक्त करने के अलावा जमीन की उर्वरता क्षमता भी बढ़ाएं।

मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण आपने कहां से लिया

इस बारे में बात करते हुए farmer Rakesh Dubey बताते हैं कि उन्होंने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि वि.वि (Dr. Rajendra Prasad Central Agricultural University), बिहार, उद्यान विभाग- मऊ और कृषि विज्ञान केंद्र- मऊ (Agricultural Science Center – Mau) से मशरूम उत्पादन (Mushroom Production) का प्रशिक्षण लिया है।

किसानों को क्या संदेश देना चाहेंगे

Agriculture Success Story farmer Rakesh Dubey बताते हैं कि वो किसानों से यहीं कहना चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र (agricultural sector) में काफी नवाचार हो गया है। ऐसे में किसान भाई कृषि के आधुनिक तरीका आधुनिक तरीका (Modern way) को अपनाकर सफल खेती करें।

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