Agriculture Success Story : मोती की खेती से ये युवा किसान ने की अच्छी कमाई, पीएम मोदी ने की तारीफ

Agriculture Success Story : मोती की खेती से ये युवा किसान ने की अच्छी कमाई : हमने आपको कई सारे सफल किसानों के बारे में बताया है। हमने आपको बताया है कि कैसे वो उन्नत खेती की तकनीक (Advanced farming techniques) से सफलता को छूते हैं और उससे ही अच्छी कमाई भी कर रहे हैं और इतना ही नहीं अपने आस-पास के किसानों के लिए मिसाल बन रहे हैं। वहीं इनमें सबसे ज्यादा युवा हैं जो अच्छी पढ़ाई-लिखा कर भी खेती की तरफ अपना रुख कर रहे हैं। देखा जाए तो आज देश के कई युवाओं का रुझान खेती की तरफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। आज हम इसी किसान के बारे में बताने जा रहे हैं जो युवा हैं अच्छी पढ़ाई की हैं लेकिन मन खेती में ही लगता है।

Agriculture Success Story : मोती की खेती से ये युवा किसान ने की अच्छी कमाई

Agriculture Success Story - मोती की खेती से ये युवा किसान ने की अच्छी कमाई

Farmer Agriculture Success Story – मोती की खेती से ये युवा किसान ने की अच्छी कमाई

आज भी हम आपको एक ऐसे ही किसान के बारे में बताने जा रहे हैं जो कि मछलीपालन (Fishries) के सहारे कम लागत में काफी ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं और दूसरे किसानों के लिए मिसाल बन रहे हैं। उन्हीं में से एक उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के नारायणपुर गांव के रहने वाले सफल किसान श्वेतांक पाठक (Successful Farmer Shwetank Pathak), जो पारंपरिक खेती (Traditional farming) से हटकर मोतियों की खेती (Pearl Farming) कर रहे हैं, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दी है। Shwetank ने B.Ed. की पढ़ाई पूरी कर ली है, जिसके बाद उन्होंने मोतियों की खेती (Pearl Farming) में हाथ आजमाया, जिसके जरिये वे कई लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।

पीएम मोदी ने की तारीफ  

अपने एक इंटरव्यू के दौरान Successful Farmer Shwetank बताते हैं कि उन्हें मोतियों की खेती (Pearl Farming) करने की प्रेरणा सबसे पहले गांव की ही एक समिति (committee) के जरिये मिली थी। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट पर ऑनलाइन और यूट्यूब पर इसके बारे में पूरी जानकारी निकाली और समिति (committee) की मदद से मोतियों की खेती (Pearl Farming) करना शुरू किया।

सके लिए समिति (committee) के मार्गदर्शन में घर के पास ही एक पोखर तैयार किया, जिसमें नदी से लाए गए सीप को रखा। उन्होंने कुछ सीप एक पुराने तालाब में रखे, जो उन्हें जिंदा रखता है। इतना ही नहीं Successful Farmer Shwetank के काम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी तारीफ कर चुके हैं। पीएम मादी नें खुद Shwetank के बारे में ट्वीट किया था।

तीन तरह के मोती तैयार : मोती की खेती से युवा किसान ने की अच्छी कमाई, जानें कैसे 

Successful Farmer Shwetank आगे बताते हैं कि अभी में कल्चर्ड मोती की खेती (Cultivated Pearl Farming) कर रहा हूं, जो कि 12-13 महीने में तैयार हो जाते हैं। बाजार में पहुंचाने से पहले मोतियों को पॉलिश (Polish the beads) किया जाता है। Shwetank आगे बताते हैं कि तीन तहत के मोती होते हैं। एक आर्टिफिशियल मोती (Artificial pearl), दूसरे प्राकृतिक मोती (समुद्र में तैयार होते हैं यानी की Natural pearl) और तीसरे कल्चर्ड मोती (Cultured pearl)।

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Shwetank बताते हैं कि बताते हैं कि वो फिलहाल कल्चर्ड मोती की खेती (Cultured pearl Farming) कर करते हैं, जिसे वे अपने हिसाब से शेप देते हैं। Shwetank बताते हैं कि इसके लिए शीप का सबसे पहले पाउडर बनाया जाता है, जिससे न्यूक्लियस (Nucleus) बनाया जाता है, जिसे मोती के कवच में डाला जाता है। कुछ समय बाद शिप के आकर का मोती बन जाता है। Shwetank ने इसके लिए ओडिशा के संस्थान से इसकी ट्रैनिंग भी ली है।

कितनी कमाई होती है

Agriculture Success Story Successful Farmer Shwetank बताते हैं कि मोती की खेती (Pearl Farming) बेहद कम लागत से शुरू कर सकते हैं। इसके लिए 10 बाई 12 की जमीन की जरुरत पड़ेगी। मोती के खेती (Pearl Farming) के लिए शुरुआत में 50 हजार रुपये का खर्चा आता है। Shwetank आगे बताते हैं कि इसके लिए आपको शीप की अच्छी समझ होना चाहिए।

एक अच्छी शीप की बात करें तो वह 2 साल पुराना हो और उसका वजन 35 ग्राम और लंबाई 6 से.मी. होना चाहिए। अपनी कमाई को लेकर Shwetank बताते हैं कि उनके मोती की कीमत (Pearl price) बाजार में 90 रुपये से लेकर 200 रुपए तक मिलती है।

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