IAS Success Story : कई बार असफलता का मुंह देखने के बाद चौथे प्रयास में हासिल की सफलता, यहां पढ़ें देव चौधरी के सफलता की कहानी

IAS Success Story of Topper Dev Chaudhary कई बार असफलता का मुंह देखने के बाद चौथे प्रयास में हासिल की सफलता, यहां पढ़ें देव चौधरी के सफलता की कहानी : हमारी साइट आपको हर दिन ऐसे बूलंदियों को अपनी कड़ी मेहनत और संघर्षों पर जीत हासिल कर पाने वाले अफसरो के बारे में बताती हैं, जिससे आप भी उनसे कुछ प्रेरणा लें और अपने सपनों को पुरा करने के लिए आगे बढ़ें ! देख के सबसे कठिन परीक्षा सिविल सर्विस ( Examination Civil Service ) को पार करने का सपना हर युवा देखता है, लेकिन इसको पास कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती !

IAS Success Story of Topper Dev Chaudhary : कई बार असफलता का मुंह देखने के बाद चौथे प्रयास में हासिल की सफलता, यहां पढ़ें देव चौधरी के सफलता की कहानी

IAS Success Story of Topper Dev Chaudhary
IAS Success Story of Topper Dev Chaudhary

वैसा ही कुछ सपना राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तान के पिछड़े जिले बाड़मेर के एक गांव में रहने वाले देव चौधरी ( IAS Dev Chaudhary ) के बारे में बताने जा रहे हैं ! अपने एक इंडरव्यू में देन चौधरी ने बताया कि हिंदी मीडियम ( Hindi medium ) से पढ़ाई करने के बाद उनके मन में हमेशा एक ही डर लगा रहता था कि वो अफसर ( Officer ) कैसे बन पाएंगे ! उन्होंने अपने गांव से ही प्रारंभिक स्कूली शिक्षा ली ! वो बताते हैं कि उन्होंने मन बना लिया कि उनको अब अफसर ( IAS Officer ) ही बनना है, लेकिन रास्ते और मंजिल का कोई पता नहीं था !

IAS Dev Chaudhary के सफलता की कहानी

वहीं अपनी परेशानियों के बारे में बात करते हुए देव चौधरी ( Indian Administrative Service Dev Chaudhary ) बताते हैं कि ऐसे में उसे बहुत सारी परेशानियां आईं ! सबसे पहले परेशानी उनका अच्छी स्टडी मटेरियल ( Good study material ) को लेकर आई, जो की इंग्लिश में होने के कारण इंग्लिश को भी अच्छे से सीखना हिंदी माध्यम ( Hindi medium ) के अभ्यर्थी के सामने एक चुनौती की तरह होता है ! देव चौधरी ( Dev Chaudhary ) ने उसको भी पार किया और एक दिन अफसर ( IAS Officer ) बनकर ही दम लिया ! उन्होंने अपने बारे में कई सारी बाते बताई, तो चलिए जानते हैं वो खास बातें !

Indian Administrative Service : पिता जी टीचर थे

इंटरव्यू के दौरान देव बताते हैं कि उनके पिताजी एक अच्छे टीचर ( Teacher ) थे ! इसके बाद वो उनकी बेहतर शिक्षा के लिए गांव से शहर आ गए और आगे की स्कूली शिक्षा शहर में ही हुई 11वीं से आगे फिर से सरकारी स्कूल और फिर बाड़मेर कॉलेज ( Barmer College ) से ही बी.एस-सी. ( BS-C ) किया ! देव बताते हैं कि वो बचपने से ही सिविल सर्विस ( Civil Service ) का सपना देखा करते थे, लेकिन उसके लिए तैयारी स्नातक ( graduate ) पूरी करने के बाद ही शुरू की ! देव ने साल 2012 में पहली बार यूपीएससी का एग्जाम ( UPSC exam ) दिया और प्रीलिम्स ( UPSC Prelims ) पास कर लिया, लेकिन मेंस ( UPSC Mains ) नहीं निकाल पाये !

चौथे प्रयास में मिली सफलता

देव बताते हैं कि जब वो अपने प्रयासों में सफल नहीं हो पाए तो उन्होंने अगली बार अपनी गलतियों को सुधारा और साल 2013 में फिर से प्रयास किया ! उस समय प्रीलिम्स ( UPSC Prelims ), मेंस ( UPSC Mains ) दोनों पास हो गए, लेकिन आखिर तौर पर उनका चुनाव नहीं हुआ ! वो बताते हैं कि फिर साल 2014 में आखिरी चुनाव भी हो गया, लेकिन सर्विस में IAS का जो सपना था उनका वो पूरा नहीं हुआ ! इसके बाद साल 2015 में उन्होंने अपने चौथे प्रयास में IAS बनने का सपना पूरा किया ! फिलहाल देव चौधरी गुजरात कैडर में साल 2016 बैच के IAS अधिकारी हैं !

UPSC IAS Exam : निराश हुए लेकिन हार नहीं मानी

IAS Success Story of Topper Dev Chaudhary आखिरी में देव चौधरी बताते हैं कि उनको शुरुआती असफलताओं ने निराश भी किया, लेकिन मन में कहीं-न-कहीं एक आशा हमेशा रही कि इस बार नहीं तो अगली बार, लेकिन लक्ष्य से पहले हार नहीं माननी ! वो आगे बताते हैं कि जब और लोग चयनित हो सकते हैं तो मैं क्यों नहीं? अगर मुझे दूसरी नौकरी जैसे विचार नहीं आए, लेकिन UPSC की अनिश्चितताओं को देखते हुए दूसरी नौकरी रखने का विचार भी खराब नहीं होता है !

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