IAS Success Story : कहानी उन चार बहन-भाइयों की जो तीन साल में बनें IAS अफसर, यहां पढ़ें सफलता की कहानी

IAS Success Story of Topper Four Siblings कहानी उन चार बहन-भाइयों की जो तीन साल में बनें IAS अफसर, यहां पढ़ें सफलता की कहानी : हम हर दिन आपको ऐसे अफसरों के बारे में बताते हैं, जो आपके लिए बेहद प्रेरणादायक साबित होता है ! ये वो अफसर ये हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से अपने और अपनो के सपनों का वो मुकाम हासिल किया है, जिसको पाने के लिए लोग सालों तक तैयारी करते रहते हैं. आज भी हम आपको ऐसी ही सफलता की कहानी के बारे बताने जा रहे हैं जो आपको चौकाने के साथ-साथ आपको प्रेरित भी करेगी !

IAS Success Story of Topper Four Siblings : कहानी उन चार बहन-भाइयों की जो तीन साल में बनें IAS अफसर, यहां पढ़ें सफलता की कहानी

IAS Success Story of Topper Four Siblings
IAS Success Story of Topper Four Siblings

आज हम आपको उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज के रहने वाले लोकेश मिश्रा ( Lokesh Mishra ) समेत उनके तीन और बहन-भाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं ! आपको ये जानकर काफी हैरानी होगी जहां एक ही परिवार के चारों बहन भाई IAS अफसर बन चुके हैं ! जी हां, आप सभी ये जानते हैं कि सिविल सर्विस एग्जाम ( Civil service exam ) क्लियर कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती, लेकिन जो इस परीक्षा को अपनी मेहनत से पास कर लेते हैं उनके पेरेंट्स की खुशी का ठिकाना नहीं होता !

IAS Four Siblings के सफलता की काहनी

अगर आपने इस खुशी को देखा है तो आप समझ सकते हैं कि इन चार भाई बहनों के मां-बाप की खुशी का अंदाजा, जिनके चार बच्चों ने तीन साल के अंदर सिविल सर्विस एग्जाम क्लियर ( Civil service exam ) किया ! उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रहने वाले मिश्रा परिवार के चार भाई-बहन तीन साल के अंदर सिविल सर्विस एग्जाम ( Civil service exam ) क्लियर करके IAS बने ! ये चारों अनिल मिश्रा और कृष्णा मिश्रा के बच्चे योगेश, लोकेश, क्षमा और माधवी मिश्रा हैं !

चारों बहन-भाइयों ने तीन साल में क्लियर किया IAS एग्जाम

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अनिल मिश्रा ( Anil Mishra ) Regional Rural Bank में बतौर बैंक मैनेजर ( Bank manager ) काम किया करते थे ! वे अपनी पत्नी कृष्णा मिश्रा ( Krishna Mishra ) और चार बच्चों योगेश, लोकेश, क्षमा और माधवी मिश्रा के साथ दो कमरों के घर में रहा करते थे ! बड़े होने के दौरान, चार भाई-बहनों ने नॉर्मल रिश्ता साझा किया ! वे सभी पढ़ाई में भी अच्छे थे ! ऐसे में उन्होंने प्रतिष्ठित सिविल सेवा ( Reputed civil service ) में जाने का फैसला लिया !

अच्थछी रैंक से हासिल की सफलताएं

चारों भाई-बहनों में से सबसे पहले योगेश मिश्रा ( Yogesh Mishra ) ने साल 2013 में सिविल सर्विस एग्जाम ( Civil service exam ) क्लियर किया ! वो रिजर्व लिस्ट ( Reserve list ) में सीएसई ( CSE ) साल 2013 में चुना गया था ! उनकी सफलता ने तीनों भाई-बहनों के लिए प्रेरित किया और वो भी अपने भाई के रास्ते पर चल पड़े ! योगेश के बाद उनकी बहन माधवी मिश्रा ( Madhvi Mishra ) ने CSE 2014 with AIR 62 क्लियर किया ! इस बीच लोकेश मिश्रा ( Lokesh Mishra ) ने सीएसई ( CSE ) साल 2014 में रिजर्व लिस्ट ( Reserve list ) में अपना नाम भी पाया !

इंजीनियरिंग के बाद हासिल की IAS में सफलता

हालांकि, उसे खुद पर भरोसा था और उसने इसे एक और शॉट देने का फैसला किया ! वहीं अगर बात लोकेश मिश्रा ( Lokesh Mishra ) की करें तो इससे इससे पहले इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT-D) से इंजीनियरिंग ( Engineering ) पूरा कर चुके थे ! साथ ही उनका मानना ​​है कि उनकी इंजीनियरिंग ( Engineering ) पृष्ठभूमि ने सीएसई-प्रीलिम्स ( CSE Prelims ) को आसान बनाया, जबकि सीएसई-मुख्य परीक्षा ( CSE-Main Examination ) के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण ( systematic approach ) उनकी रणनीति थी !

चारों भाई-बहनों ने परिवार को दिलाया समान

IAS Success Story of Topper Four Siblings लोकेश मिश्रा ( Lokesh Mishra ) ने समाजशास्त्र ( Sociology ) को MAIN ऑप्शनल सब्जेक्ट ( Optional subject ) के रूप में चुना ! उनके पास उनके भाई योगेश थे, जिन्होंने उसी को चुना था, फिर साल 2015 में लोकेश ने दूसरे अटेंप्ट में भी AIR 44 के साथ सिविल सर्विस एग्जाम ( Civil service exam ) क्रैक कर लिया ! इसके बाद CSE साल 2015 मिश्रा परिवार के दोगुनी खुशियां एक साथ लाया, क्योंकि इसी साल चारों भाई-बहन में सबसे छोटी क्षमा ने AIR 172 के साथ सिविल सर्विस एग्जाम ( Civil service exam ) क्लियर किया !

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