IAS Success Story : किसान का बेटा दिन रात मेहनत कर IAS अफसर बन अपने परिवार को किया गौरवांकित

Success Story of IAS Topper Hriday Kumar किसान का बेटा दिन रात मेहनत कर IAS अफसर बन अपने परिवार को किया गौरवांकित : चाहे कोई छोटा हो या बड़ा। चाहे वो एक अच्छे परिवार से आए या उस गरीब परिवार से जो एक वक्त का खाना भी मुश्किल से जुटा पाते हैं, लेकिन जो मेहनत करता है वो हमेशा सफलता की मिनार चढ़ जाता है और अपने परिवार को गौरवांकित करता है। ऐसी हा कुछ कहानी ओडीशा के केंद्रपाड़ा जिले का सूदूर गांव अंगुलाई के रहने वाले एक किसान के बेटे ह्रदय कुमार की है।

किसान के बेटे ह्रदय कुमार दिन रात मेहनत कर बने सफल IAS अफसर

Success Story of IAS Topper Hriday Kumar

किसान के बेटे ह्रदय कुमार दिन रात मेहनत कर बने सफल IAS अफसर

बेहद गरीबी में दिन काटने के बाद भी कभी हार नहीं मानी

ह्रदय कुमार ने साल 2014 में Civil Services Examination में 1079वीं रैंक हासिल की थी। एक गरीब और चीजों से वंचित परिवरा से होने के बावजूद ह्रदय कुमार ने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को पा कर ही दम लिया। एक इंटरव्यू के दौरान ह्रदय कुमार बताते हैं कि इनका परिवार सरकार द्वारा चलाई गई सामाजिक कल्याण फ्लैगशिप कार्यक्रम इंदिरा आवास योजना के तहत मिले घर में रहता था।

Success Story of IAS Hriday Kumar : क्रिकेटर बनना चाहते थे बन बैठे IAS

ह्रदय कुमार बताते हे कि उन्होंने सरकारी प्राथमिक विद्यालय और उच्च विद्यालय से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। वहीं 12वीं क्लास की परीक्षा UPSC IAS ह्रदय कुमार ने द्वितीय श्रेणी में पास की थी, लेकिन वे क्रिकेट में अच्छे थे और क्रिकेट में ही करियर बनाना चाहते थे। ह्रदय कुमार ने कालाहांडी अंतरजिला क्रिकेट प्रतियोगिता में अपने घरेलू जिला टीम का प्रतिनिधित्व भी किया था।

ऊपर वाले ने सोच रखा था क्या करना है 

वो कहते हैं न कि सोचा हुआ कम ही घटता है आपके साथ ऊपर वाले के द्वारा लिखा गया ही होता है आपके साथ ऐसा ही कुछ ह्रदय कुमार के साथ भी हुआ। ह्रदय कुमार के लिए ऊपर वाले ने कुछ और ही सोच रखा था और खेल करिअर में आगे बढ़ने के संदेह ने उन्हें पढ़ाई के क्षेत्र में करियर बनाने को मजबूर कर दिया। वहीं IAS ह्रदय कुमार ने माध्यमिक शिक्षा पूरी करने के बाद Utkal University में पांच सालों के समेकित MCA कोर्स में दाखिला लिया।

Success Story of IAS Topper Hriday Kumar : दो बार विफल होने के बाद तीसरी बार मिली सफलता

इतना ही नहीं आगे पढ़ाई के लिए मिले माहौल का ह्रदय कुमार ने काफी बेहतर इस्तेमाल किया और Civil Services Examination में अपना भाग्य आजमाया, लेकिन पहले दो प्रयासों में ये मेधा सूची में आने में विफल रहें, लेकिन तीसरी बार में उन्होंने आखिरकार सफलता की सीढ़ी चढ़ ही ली और बन गए IAS अफसर। आज जब अपने पूराने समय को याद करते हैं तो बस यही सोचते हैं कि अगर सब अचनाक नहीं बदलते तो क्या होता।

IAS Success Story : ह्रदय कुमार की छात्रों को सलाह

Indian Administrative Service इसके साथ ही वो छात्रों को हमेशा आगे बढ़ने की सलाह देते है। ह्रदय कुमार का कहना है कि पीछे वो इंसान मुड़ कर देखता है जिसको अपने हार जाने का डर होता है, लेकिन जब एक बार आपने अपने कदम किसी राह पर आगे बढ़ा लिए तो कभी पीछे मुड़ कर मत देखों बस आगे बढ़ते चले जाओ।

IAS Success Story : पिता करते थे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी, बेटे ने IAS बन किया नाम रोशन

IAS Success Story : एक स्कूल हादसे नें चली गई थी आंखों की रोशनी, अब बनीं देश की पहली नेत्रहीन IAS अफसर