Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार इन दो आदतों की वजह से व्यक्ति को नहीं मिलता है सम्मान, जरूर करें अमल

Chanakya Niti चाणक्य के अनुसार इन दो आदतों की वजह से व्यक्ति को नहीं मिलता है सम्मान, जरूर करें अमल : महान सर्वधनी ज्ञाता चाणक्य ने इंसानों के जीवन से संबंधित कई बड़ी बातों के औक स्वभाव के बारे में बताया है ! चाणक्य कहते हैं कि इंसान को हमेशा अपने सम्मान की चिंता होनी चाहिए ! एक सफल इंसान हमेशा अपने सम्मान को लेकर गंभीर रहता है ! सम्मान पाने के लिए इंसान को हमेशा अच्छा आचरण और अच्छे गुणों को अपनाना चाहिए और अपने जीवन में विकसित करना चाहिए !

Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार इन दो आदतों की वजह से व्यक्ति को नहीं मिलता है सम्मान, जरूर करें अमल

Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार इन दो आदतों की वजह से व्यक्ति को नहीं मिलता है सम्मान
Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार इन दो आदतों की वजह से व्यक्ति को नहीं मिलता है सम्मान

साथ ही चाणक्य कहते हैं कि इंसान को गलत आचरण और अवगुणों से दूर रहना चाहिए ! अवगुण इंसान से सम्मान दूर रखता है ! अवगुणों से भरा हुए इंसान को कोई भी पसंद नहीं करता है ! साथ ही समाज में उसी इंसान को सम्मान मिलता है, जो दूसरों के सम्मान की चिंता करता है ! इसके अलावा चाणक्य के अनुसार सम्मान लेने से नहीं देने से मिलता है !

इन वजहों से  नहीं मिलात इंसान को सम्मान

इसलिए सामने वाले इंसान को कभी कमतर नहीं आंकना चाहिए, समाज में हर इंसान का सम्मान होता है ! बता दें कि इसलिए दूसरों के सम्मान की भी चिंता करनी चाहिए ! चाणक्य के अनुसार सम्मान पाना है तो कुछ आदतों से हमेशा दूर रहना चाहिए, क्योंकि गलत आदतें व्यक्ति के सम्मान में सबसे बड़ी बाधा होती हैं ! इसलिए चाणक्य की इन बातों को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए !

चाणक्य के दो गुण….

1). गलत संगत से दूर रहें

चाणक्य के अनुसार इंसान को हमेशा ही गलत संगत और आदतों से दूर रहना चाहिए ! गलत संगत और आदतें होने के चलते इंसान के दिमाग में नकारात्मक विचार ज्यादा आते हैं और वो अपने जीवन में कुछ भी सही नहीं कर पाता, जिसके चलते इंसान कभी-कभी गलत कामों को भी कर जाता है ! साथ ही चाणक्य के अनुसार गलत काम करने वाले इंसान को सामाज में कभी सम्मान नहीं मिलता !

2). भाषा की मधुरता बनाएं रखें

Chanakya Niti चाणक्य के अनुसार इंसान को कभी भी अपनी भाषा और बातों को गलत तरह से नहीं करना चाहिए, जो लोग अपनी भाषा और वाणी को खराब करते हैं, उन्हें से लोग हमेशा दूरी बना कर रखते हैं ! ऐसे लोग समाज में सम्मान से वंचित रह जाते हैं ! इसलिए जब भी बोलें अच्छा, मधुर और सुंदर बातें ही बोलें ! अच्छी वाणी बोलने वाले की हर जगह सराहना होती है !

क्रोध करने वाले इंसान की वाणी में मधुरता नहीं होती है ! क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु माना गया है, क्योंकि क्रोध में इंसान अच्छे बुरे का फर्क नहीं कर पाता है और खुद को ही नुकसान पहुंचता है ! इसलिए इस अवगुण का भी त्याग करना चाहिए !

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