Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार ये बातें दोस्ती के रिश्ते को करती हैं कमजोर

Chanakya Niti चाणक्य के अनुसार ये बातें दोस्ती के रिश्ते को करती हैं कमजोर : चाणक्य अपने समय के विलक्षण प्रतिभा के धनी थे ! आचार्य चाणक्य एक बहतरीन शिक्षक होने के साथ-साथ कई तरह के विषयों के जानकार और विशेषज्ञ भी थे ! इतना ही नहीं चाणक्य को अर्थशास्त्र का विशिष्ठ ज्ञान था ! इसके साथ ही चाणक्य को राजनीति शास्त्र, कूटनीति शास्त्र के साथ-साथ समाजशास्त्र का भी विशेष ज्ञान था ! चाणक्य ने अपनी नीति में उन सभी विषयों के बारे में बहुत ही गहराई से अध्ययन और विश्लेषण किया है जो इंसान को प्रभावित करते हैं !

Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार ये बातें दोस्ती के रिश्ते को करती हैं कमजोर

Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार ये बातें दोस्ती के रिश्ते को करती हैं कमजोर
Chanakya Niti : चाणक्य के अनुसार ये बातें दोस्ती के रिश्ते को करती हैं कमजोर

वहीं मित्रता को लेकर चाणक्य नीति कहती है कि दोस्ती के मामले में इंसान को हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए ! साथ ही वो बोलते हैं कि मित्रता की नींव विश्वास और समर्पण टिकी होती है। इसलिए कभी ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए जो इस मजबूत रिश्ते को कमजोर करें !चाणक्य के अनुसार दोस्ती एक रिश्ता है जो इंसान खुद बनाता है ! सच्चा दोस्त किसी बहुमूल्य रत्न से कम नहीं होता है ! जीवन में इंसान के जितने अच्छे दोस्त होंगे इंसान की सफलता की गति उतनी ही तेज होगी ! इंसान की सफलता में दोस्तों का बहुत बड़ा योगदान होता है !

1). Chanakya Niti : मित्र बनाते समय सजग रहना चाहिए

चाणक्य के अनुसार दोस्त बनाते समय इंसान को बहुत ही सजग रहना चाहिए ! दिस्ती की पहली शर्त समर्पण है ! एक दूसरे का समर्पण का भाव ही दोस्ती को मजबूती दिया करता है ! समर्पण, विश्वास और भरोसे से आता है ! जब ये दोनों चीजें मिल जाती हैं तो दोस्ती का रंग गहरा हो जाता है !

2). Chanakya Niti : श्रेष्ठ विद्वानों में होती है चाणक्य की गिनती

चाणक्य का मानना था कि इंसान क्ति के जीवन में दोस्ती के रिश्ते की बेहद अहम भूमिका निभाते हैं, जो इस रिश्ते का सम्मान करता है और इसकी उपयोगिता को समझता है वह खराब से खराब समय को भी बिना किसी दुखों के काट सकता है ! साथ ही चाणक्य की मानें तो कुछ ऐसी बातें हैं जो दोस्ती के रिश्ते का कमजोर बनाती हैं ! इसलिए इन बातों से दूर ही रहना चाहिए !

3). Chanakya Niti : स्वार्थ की भावना से न करें दोस्ती

चाणक्य नीति के अनुसार स्वार्थी दोस्त कभी भी संकट के समय सबसे पहले साथ छोड़ जाता है ! इसलिए दोस्त ऐसा बनाएं जो स्वार्थी न हो ! दोस्ती में कही भी लालच और स्वार्थ का भाव नहीं आना चाहिए !

4). Chanakya Niti : संकट के समय साथ खड़ा रहे

चाणक्य के अनुसार सच्चा दोस्त वही है जो संकट के समय परछाई आपके साथ बनकर खड़ा रहे, जो दोस्त संकट के समय धैर्य देता है और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता ऐसे दोस्त सच्चे दोस्त कहलाते हैं !

5). प्रेरणा प्रदान करे

Chanakya Niti चाणक्य के अनुसार दोस्त का एक काम ये भी है कि वह हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें, जो दोस्त गलत को गलत और सही को सही कहे वहीं अच्छा दोस्त कहलाता है ! ऐसे दोस्त इंसान की सफलता में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं ! ऐसे दोस्त का हमेशा सम्मान करना चाहिए !

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