किन्नरों का रात में ही क्यों अंतिम संस्कार किया जाता है | General Knowledge In Hindi

किन्नरों का रात में ही क्यों अंतिम संस्कार किया जाता है | General Knowledge In Hindi :  घर में किसी भी शुभ काम को करने के दौरान किन्नर (Kinnar) जरूर आते हैं, किसी भी त्यौहार ही नहीं बल्कि यदि किसी के यहां शादी होती हैं, या कोई शुभ काम हो या बच्चा पैदा होता हैं तब भी ये किन्नर वहां आ जाते हैं और अपने हिसाब से जश्न मनाते हैं और दक्षिणा की मांग करते हैं, बहुत से लोग उनकी मांग को पूरा कर देते हैं वहीं कई लोग उन्हें भगा देते हैं ! किन्नरों (kinnar) को हमारे समाज में थर्ड जेंडर का दर्जा दिया गया है !

किन्नरों का रात में ही क्यों अंतिम संस्कार किया जाता है

किनारों का रात में ही क्यों अंतिम संस्कार किया जाता है

किन्नरों का रात में ही क्यों अंतिम संस्कार किया जाता है

General Knowledge : हिंदू धर्म के मान्यता के अनुसार ऐसा माना जाता है कि किन्नरों की दुआओं में काफी शक्ति होती है ! हिंदू धर्म में कोई भी जब सुबह कार्य होता है तो हम किन्नरों को जरूर इनवाइट करते हैं ! आपने देखा होगा कि किसी के घर में जब बच्चा होता है तो ढेर सारी बधाइयां दी जाती है साथ ही साथ किन्नरों के द्वारा भी आशीर्वाद लिया जाता है ! वहीं जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो आप देखते हैं कि उनके शव यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ जूटी होती है और श्मशान घाट पर हजारों की संख्या में लोग पहुंचकर मृत शरीर का दाह संस्कार करते हैं लेकिन आपने कभी सोचा है

आखिर क्यों करते हैं रात में अंतिम संस्कार General Knowledge

किन्नरों के मुताबिक, उनको अपनी मृत्यु का आभास हो जाता है ! जिसके बाद से वह खाना बंद कर देते हैं और कहीं बाहर नहीं जाते हैं ! इस दौरान वह ईश्वर में विलीन हो जाते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि इस जन्म में किन्नर तो हुए लेकिन अगले जन्म में हमें किन्नर न बनाए ! किन्नर मृत शरीर को जलाने के बजाय वह दफनाते हैं ! मृत शरीर को वो कफ़न से लपेटते हैं लेकिन किसी चीज से वह बांधते नहीं है उनका मानना होता है कि ऐसे में आत्मा को आजाद होने में कष्ट होता है इसलिए सिर्फ कफ़न लपटते हैं ! किन्नर समाज का मानना है कि रात में इसलिए हम सब अंतिम क्रिया करते हैं ताकि कोई इंसान उसे देख ना पाए क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर कोई इंसान किन्नर के शव को देख ले तो वह अगले जन्म में किन्नर ही बनेगा ! इसी कारण से पूरी अंतिम क्रिया को रात में किया जाता है !

किन्नरों का रात में ही क्यों अंतिम संस्कार किया जाता है GK Hindi

किन्नर मृत के बाद शव को जूते चप्पल से पीटते हैं ! उनका मानना होता है कि अगले जन्म में इस योनि में जन्म ना मिले ! इसके अलावा अपने आराध्य देवता का बहुत ध्यान करते हैं और साथ ही साथ दान पुण्य भी करते हैं ! इसके अलावा जश्न मनाते हैं ! ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि अगले जन्म में इस नर्क रुपी जीवन ना मिले ! साथ ही साथ वह 1 सप्ताह तक भूखे रहते हैं !

किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे होता है,क्या रस्में की जाती हैं ये हम आपको बताते हैं

बताया जाता है कि कई किन्नरों के पास आध्यात्मिक शक्ति होती है, जिससे उन्हें मौत का पहले से ही आभास हो जाता है कहते हैं जब भी किसी किन्नर की मौत होने वाली है तो ये कहीं भी आना-जाना और यहां तक कि खाना भी बंद कर देते हैं और इस दौरान वे सिर्फ पानी पीते हैं और ईश्वर से अपने और दूसरे किन्नरों के लिए दुआ करते हैं कि अगले जन्म में वे किन्नर न बनें !

किन्नरों का अन्तिम संस्कार General Knowledge In Hindi

समाज का अहम हिस्सा होते हुए भी किन्नरों का जीवन अधिकतर लोगों के लिए रहस्य है ! सबके बीच रहते हुए भी किन्नर सभी से काफी अलग होते हैं ! उन्हें दुनियादारी से कोई वास्ता नहीं होता ! हर किन्नर सिर्फ अपनी दुनिया में मस्त और व्यस्त रहता है ! समाज से उनका जुड़ाव सिर्फ बधाई लेने तक सीमित है ! किन्नर खास मौकों पर लोगों के घर जाकर नाच-गाकर करके पैसा, अनाज और उपहार लेते हैं ! कुछ घरों और दुकानों में उनका नियमित आना-जाना होता है !

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