हवन करते समय ‘स्वाहा’ क्यों बोला जाता है | GK In Hindi General Knowledge

GK In Hindi General Knowledge हवन करते समय ‘स्वाहा’ क्यों बोला जाता है :- आज हम आपको एक ऐसी बात बताने जा रहे है ! जिसे आपने भी कभी न कभी तो सोचा होगा ! आप अक्सर मंदिरों ऑर्डर हवन में ही जाते होंगे क्या आपने कभो सोचा है की पंडित जो हर मंत्र के बाद में स्वाहा क्यों बोलता है और इस का मतलब क्या है ! तो आज हम आपको बताने जा रहे है की हवन में स्वाहा क्यों बोलै जाता है तो बन रहिये हमारे इस आर्टिकल के अंत तक ताकि आप जान पाए की स्वाहा क्यों बोला जाता है !

हवन करते समय ‘स्वाहा’ क्यों बोला जाता है | GK In Hindi General Knowledge 

हिन्दू धार्मिक कर्मों में, यज्ञ में कुछ भी अर्पण करते समय हर मंत्र के अंत में स्वाहा शब्द का उपयोग किया जाता है ! यह तो हम सब ने देखा है!, इसके पीछे एक कारण है, जो बहुत ही रोचक है देवी भागवत गीता मे इसका वर्णन मिलता है! संसार की उत्पत्ति के बाद ब्राह्मण और क्षत्रिय जो भी यज्ञ पूजा या हवन करते थे! यज्ञ को जो भी समर्पित करते थे, वह देवताओं तक नहीं पहुंच पाता था! इससे सारे देवता दुखी हो गए और ब्रह्मा जी के पास गये! विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओ में GK In Hindi General Knowledge के अंतर्गत इस तरह के प्रश्न पूछे जाते है |

देवताओं ने कहा कि मनुष्य द्वारा समर्पित की हुई कोई भी चीज यज्ञ के द्वारा हम तक नहीं पहुंच पाती जिससे हमे आहार का अभाव होता है ! आहार हीन हो गए देवताओं की प्रार्थना सुनकर ब्रह्मा जी पुरुषोत्तम श्री कृष्ण के पास गये। श्री कृष्ण ने ब्रह्मा जी के सामने देवी भगवती की आराधना की, श्री कृष्ण की आराधना से देवी भगवती या जिन्हें मूल प्रकृति भी कहा जाता है, जिनसे सारी प्रकृति की उत्पत्ति हुई है, वे प्रकट हुई !

हिंदू धर्म में घर में शांति लाने के लिए हवन किया जाता है। General Knowledge

आपने देखा होगा कि हवन के समय उपस्थित लोग कुंड में हवन सामग्री डालते समय जोर-जोर से स्वाहा बोलते हैं ! क्या आपने कभी सोचा है कि वह ऐसा क्यों करता है ! आखिर यह शब्द हवन के समय ही क्यों बोला जाता है ! अगर आप यह नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं ! कि हवन के समय स्वाहा क्यों कहा जाता है हवन को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र अनुष्ठान माना जाता है ! हवन के समय वहां मौजूद लोगों ने हवन कुंड में हवन सामग्री डाल दी!

GK In Hindi General Knowledge मतलब सही ढंग से वितरित करना इसका मतलब यह है ! कि स्वाहा शब्द का प्रयोग आपके प्रियजन को सुरक्षित और उचित रूप से कुछ भी पहुंचाने के लिए किया जाता है ! जबकि पौराणिक मान्यता है कि स्वाहा अग्नि देवता की अर्धगिनी है ! इसी कारण हवन के समय स्वाहा शब्द का प्रयोग होता है पौराणिक मान्यता के अनुसार जब तक देवता हवन नहीं कर लेते तब तक हवन सफल नहीं माना जाता है ! देवता स्वाहा के माध्यम से गण हवन स्वीकार करते हैं ! स्वाहा प्रजापति दक्ष की पुत्री थी। उनका विवाह अग्नि देवता से हुआ था ! अग्निदेव अपनी पत्नी ‘स्वाहा’ के माध्यम से भविष्य ग्रहण करते हैं ! इसके द्वारा ही आह्वानित देवता की प्राप्ति होती है!

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