क्या घरों की छत पर लगे टावरों से कुछ नुकसान होता है | GK In Hindi General Knowledge

GK In Hindi General Knowledge क्या घरों की छत पर लगे टावरों से कुछ नुकसान होता है : आपने अपने आस-पास कई घरों की और बिल्डिंगों की छतों पर मोबाइल टॉवर लगे होते हैं, जिनसे निकलने वाले रेडिएशन को लेकर पहले काफी खबरें सामने आई थी ! पहले ऐसा बताया गया था कि इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ! वहीं इस टॉवर से निकले वाली रेडिएशन पर IIT Delhi Professor Girish Kumar ने काफी पहले एक शोध किया था !

क्या घरों की छत पर लगे टावरों से कुछ नुकसान होता है | GK In Hindi General Knowledge

General Knowledge क्या घरों की छत पर लगे टावरों से कुछ नुकसान होता है
General Knowledge क्या घरों की छत पर लगे टावरों से कुछ नुकसान होता है

वहीं उनके शोध के अनुसार मोबाइल से ज्यादा परेशानी उसके टॉवरों से होती है और उसके पीछे का कराण यह है कि मोबाइल का इस्तेमाल हर वक्त नहीं किया जाता, लेकिन इसके टॉवर से लगातार रेडिएशन निकलती रहती है ! इस बात को आप ऐसे समझ सकते हैं कि अगर हम मोबाइल पर 1 घंटा बात करते हैं तो उससे हुए नुकसान की भरपाई के लिए हमें 23 घंटे मिल जाते हैं, जबकि टॉवर के पास रहनेवाले उससे लगातार निकलने वाली तरंगों की जद में रहते हैं !

खतरनाक होता हैं मोबाइल टॉवर से निकले वाला रेडिएशन

इसके अलावा शोध में दावा किया गया है कि अगर घर के समाने टॉवर लगा है तो उसमें रहनेवाले लोगों को 2-3 साल के अंदर सेहत से जुड़ी समस्याएं शुरू हो सकती हैं ! इसके साथ ही शोध में सामने आया है कि मोबाइल टॉवर के 300 मीटर एरिया में सबसे ज्यादा रेडिएशन होता है ! बताया गया है कि एंटीना के सामने वाले हिस्से में सबसे ज्यादा तरंगें निकलती हैं, जो ज्यादा नुकसान पहुंचता है !

जानकारी के माने तो टॉवर के पीछे और नीचे के मुकाबले में नुकसान पहुंचा है लेकिन रेडिएशन लगातार निकलती रहती है ! इतना ही नहीं ये भी बताया गया है कि टॉवर के एक मीटर के एरिया में 100 गुना से ज्यादा रेडिएशन होता है ! टॉवर पर जितने ज्यादा एंटीना लगे होते हैं उतनी ही तेजी से रेडिएशन बढ़ता और नुकसान पहुंचाता है !

मोबाइल टॉवर से पास रहने वालों में बढ़ती हैं कैंसर की संभावना GK in Hindi 

वहीं इससे पहले जर्मनी में हुए एक शोध की माने तो बताया जाता है कि जो लोग इस ट्रांसमीटर एंटीना के 400 मीटर एरिया में रहते थें उनमें से ज्यादा तर लोगों को कैंसर होने की आशंका तीन गुना तेजी से बढ़ गई है ! इतना ही नहीं 400 मीटर के एरिया में ट्रांसमिशन बाकी एरिया से 100 गुना ज्यादा होता है ! वहीं केरल में हुए शोध की माने तो सेल फोन टॉवरों से होने वाले रेडिएशन से मधुमक्खियों की प्रजनन क्षमता 60 फीसदी तक गिर गई है !

इतना ही नहीं अक्सर घरों के आस-पास दिखाई देने वाली गौरया अब दिखाई तक नहीं देती है ! इसी तरह कौवों और बाकी पक्षियों की संख्या भी तेजी से कम होती जा रही है ! इसके साथ ही अगर वैज्ञानिक के माने तो वो इसके पीछे का कारण मोबाइल टॉवरों से निकलने वाली रेडिएशन को ही मानते हैं ! केरल में हुई जांच में ये बात सामने आई है कि सेल फोन टॉवरों के पास जिन गौरेयों ने अपने अंडे दिए उनसे 30 दिन के बाद भी बच्चे बाहर वहीं आए हैं, जबकि आमतौर पर इस काम में 10-14 दिन लगते हैं !

मोबाइल टॉवर से बढ़ती है पुंसकता, शुक्राणुओं में कमी General Knowledge 

बता दें कि डॉक्टर. डेविस ने मोबाइल फोन और टॉवर से निकलने वाले रेडियेशन के खतरों पर काफी लंबे समय तक एक शोध किया, जिसमें बताया गया है कि मोबाइल फोन को सीने से चिपकाकर रखने वाली महिलाओं में ब्रेंस्ट कैंसर और पेंट की जेब में मोबाइल रखने वालों में नपुंसकता, शुक्राणुओं में कमी और कैंसर जैसे रोग पनप रहे हैं ! इतना ही नहीं उनकी इस शोध के लिए उन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था !

GK In Hindi General Knowledge साथ ही उन्होंने बताया कि मोबाइल टावर के पास रहने वाले लोगों में कैंसर का खतरा बाकी होने वाले लोगों के मुकाबले तेजी से होता है ! वहीं गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए तो इससे और ज्यादा खतरनाक होता है ! उन्होंने शोध के बारे में बताया था कि रेडिएशन से चूहों के प्रजनन तंत्र पर काफी खराब प्रभाव पड़ता है ! इसके चलते पशु-पक्षी तक मोबाइल टॉवर के पास नहीं जाते !

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