अगर दिमाग के सभी न्यूरॉन एक्टिवेट हो जाएं तो क्या होगा | यहां जानें GK In Hindi General Knowledge

GK In Hindi General Knowledge अगर दिमाग के सभी न्यूरॉन एक्टिवेट हो जाएं तो क्या होगा : आपने साइंसे से पढ़ी ही होगी ! साइंस में ये बात बेहद खुल कर बताई गई है कि कैसे हमारा दिमाग हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों से जुड़ा होता है ! कैसे हम अपनी सोच की मदद से दिमाग के जरिए वो काम शरीर से करवाते हैं ! कैसे हम अपने दिमाग में वो करने को कहते हैं जो हमारी चेतना कहती है ! क्या आप जानते हैं कि हमारे दिमाग में न्यूरॉन आपस में बेहद तरीकों से जुड़े होते हैं, जो हमारे स्किल्स और याददाश्त निर्धारित करते है !

अगर दिमाग के सभी न्यूरॉन एक्टिवेट हो जाएं तो क्या होगा | GK In Hindi General Knowledge

General Knowledge अगर दिमाग के सभी न्यूरॉन एक्टिवेट हो जाएं तो क्या होगा
General Knowledge अगर दिमाग के सभी न्यूरॉन एक्टिवेट हो जाएं तो क्या होगा

शरीर के अंग जैसे हाथ और पैर की मांसपेशियां को भी दिमाग के ये न्यूरॉन ही चलाते है, जैसे ये सिग्नल देता है वैसे ही ये काम करता है ! इसमें खास बात यह है कि जब भी हम कुछ नया सिखते हैं और सिखने जाते हैं ! उसी तरह से न्यूरॉन नए तरीके से आपस में जुड़ते जाते हैं, जैसे पुराने न्यूरॉन से संबंध तोड़ना या कमजोर करना या कहा दा सकता है नए से जुड़ना या जुड़ाव को ओर मजबूत करना ! जैसे हम साइकिल चलाना सीखते है, तो न्यूरॉन आपस में अपना जुड़ाव बदलते है ! इससे क्या इनपुट में क्या आउटपुट देना है, ये फिक्स होता है, जब भी हम कुछ नया सीखते है, हर चीज पर सोचना पड़ता है !

क्या इनपुट में क्या आउटपुट देना है, फिक्स होता है | GK In Hindi

जैसे जब थोड़ा सीख जाते है, तब वो चीज पर तुरंत बिना सोचे एक्शन लेते है, क्योंकि सीख जाने पर न्यूरॉन ऐसे आपस में जुड़ जाते है कि फलाना इनपुट तरंग न्यूरॉन के उस अंतर्जाल से पार हो तुरंत उसका आउपुट तरंग बना देते हैं ! हमारे दिमाग में अलग-अलग अंग के लिए अलग हिस्सा है, लेकिन इसमें चौकाने वाली बात यह है कि हमारा दिमाग भौतिक रूप में बहुपयोगी होता है ! जैसे जिनकी आंखे काम नहीं करती, उनका दिमाग का वो हिस्सा दूसरे कार्य में लग जाता है ! वो किसी कला, कौशल में अद्भुत हो सकते है, या वो हिस्सा दूसरे ज्ञान इंद्री प्रयोग कर अपनी क्षमता बढ़ा सकती है !

कुछ करते और सिखते वक्त सिग्ननल्स देता रहता है दिमाग | General Knowledge

General Knowledge साथ ही जीवों में ऐसे इस्तेमाल किए गए कि कान के हिस्से में आंख की तंत्रिका जोड़ी गई, वो जीव कुछ दिन में कान के हिस्से में आंख से आएं सिग्नल को प्रोसेस कर देखना सीख गया ! एक और बात अगर शरीर में नई ज्ञान इंद्री जोड़ी गई, हमारा दिमाग उसे भी इस्तेमाल करना सीख लेता है ! एक अंधे इंसान, चमगादड़ और सोनार की तरह आवाज निकाल, फिर उसे कान से सुन दूरी का अंदाज लगा लेते है ! इसके लिए बकायदा उन्होंने खुदको ट्रेन किया ! वहीं वैज्ञानिकों ने मछली में तीसरी आंख जोड़ी, उसके तंत्रिका मस्तिष्क तक जोड़े, वो मछली कुछ दिनों में ही उस आंख का इस्तेमाल करना सीख गई !

इस तरह से जीवों में इनेक्टिव भी एक्टिव होते हैं न्यूरॉन्स 

GK In Hindi बता दें कि इंसान के दिमाग में शरीर की साइज की अपेक्षा ज्यादा न्यूरॉन्स है, तभी हम एक बुद्धिजीव है ! वहीं हाथी का मस्तिष्क बड़ा होकर भी दिमाग का ज्यादातर हिस्सा बड़े शरीर को चलाने में लगा होता है ! अगर हममें ज्यादा न्यूरॉन हो, या इनेक्टिव भी एक्टिव हो जाएं, तो ऐसी क्षमताएं बढ़ जाएंगी ! हमारी ज्ञानिंद्री ज्यादा तेज हो सकती है, हम शरीर को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकते है, या हमारा कोई कौशल ज्यादा हो सकता है ! उदाहरण के लिए हमारा निशाना तेज़ हो जायेगा, नई भाषा जल्दी सीखेंगे आदि ! आशा है आपको इस उत्तर से मदद मिलेगी !

डिप्रेशन के परेशानी भी इन्ही न्यूरॉन्स से होती है 

GK In Hindi General Knowledge इसी से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि इन न्यूरॉन्स के साथ खेलाने वाले एक दिमागी लोचे को डिप्रेशन कहते हैं ! जी हां, ये स्तिथी तब आती हैं जब आपका, दिल, दिमाग और शरीर एक दूसरे की बात को सुनना और मानना बंद करत देते हैं ! इस स्तिथी में इंसान या तो पागल हो जाता है या किसी तर का गलत कदम उठा लेते हैं, क्योंकि वो उस समय में ये समझ नहीं पाते कि उनको इन तीनों में से किसी की सुननी चाहिए और किसी तरह से इससे लड़ना चाहिए ! वहीं कुछ लोगों के न्यूरॉन्स इतने मजबूत होते हैं कि वो इस स्तिथी से बाहर भी आ जाते हैं !

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