बिजली कैसे बनती है | यहां जानें पूरी जानकारी GK In Hindi General Knowledge

GK In Hindi General Knowledge बिजली कैसे बनती है : बिजली यानी कि विद्युत ऊर्जा इस संसार में मौजूद ऊर्जा के अन्य स्रोतों से प्राप्त की जाती है। जैसा कि आप जानते ही होंगे कि ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है, बस इसे एक रूप से दूसरे रूप मे परिवर्तित किया जा सकता है। इस सिद्धांत का अनुसरण करते हुए मनुष्य ने समय के साथ अपने काम के लायक विद्युत ऊर्जा प्राप्त करने के छोटे-बड़े कई स्रोत ढूंढ निकाले हैं। मगर यह स्रोत पृथ्वी पर आज चाहे किसी भी रूप में उपलब्ध हो लेकिन ऊर्जा का प्रमुख स्रोत सूर्य ही है।

बिजली कैसे बनती है | यहां जानें पूरी जानकारी GK In Hindi General Knowledge

बिजली कैसे बनती है GK In Hindi

बिजली कैसे बनती है GK In Hindi

वहीं पृथ्वी पर उपलब्ध ऊर्जा के सभी प्राथमिक रूप फिर चाहे वह जैव ईंधन जैसे कि कोयला और पेट्रोलियम उत्पाद इत्यादि हों या फिर हवा, पानी, समुद्र की ज्वारीय शक्ति हो या ज्वालामुखी की ताप शक्ति या कुछ और सभी सौर ऊर्जा का ही बदला हुआ स्वरूप हैं। इस तरह के प्रश्न विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओ में GK in Hindi General Knowledge के अंतर्गत पूछे जाते है |

बिजली कैसे बनती है ? GK In Hindi

छोटे स्तर पर सीमित आवश्यकताओं के लिए बिजली को सेल और बैटरियों में रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करके प्राप्त किया जाता है या फिर सूर्य से मिलने वाली सौर ऊर्जा को फोटो सेलों की मदद से विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करके भी बिजली बनाई जा सकती है, लेकिन घरों, कार्यालयों और कारखानों में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और मशीनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार बहुत ज्यादा बिजली की आवश्यकता होती है।

इस जरूरत को पूरा करने के लिए एक सरल और व्यवहारिक तौर पर सस्ते सिद्धांत का प्रयोग बिजली उत्पादन में किया जाता है। चलिए अब जानते हैं कि वह सिद्धांत क्या है और उसके प्रयोग से कैसे सस्ती और ज्यादा मात्रा में बिजली बनाई जाती है।

क्या है बिजली बनाने का सिद्धांत ? General Knowledge

इस सिद्धांत (Theory) की खोज प्रसिद्ध वैज्ञानिक माइकल फैराडे (Michael Faraday) ने की थी। दरअसल, बात साल 1820 की है जब हान्स ओर्स्टेड (Hans Christian Ørsted) ने बताया की विद्युत धारा से चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न किया जा सकता है।

इससे माइकल फैराडे (Michael Faraday) को विचार आया कि अगर विद्युत धारा (Electric Current) के प्रभाव से चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न हो सकता है तो इसके विपरीत चुंबकीय प्रभाव से विद्युत धारा भी उत्पन्न की जा सकती होगी। बाद में इसी विचार के आधार प्रयोग पर फैराडे ने साल 1831 में “विद्युत चुंबकीय प्रेरण का सिद्धांत” (Principle of electromagnetic induction) दिया और आज इसी सिद्धांत के आधार पर ही पूरी दुनिया में विद्युत उत्पादन किया जाता है।

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Power Generating Stations सिद्धांत

वहीं माइकल फैराडे ने इसी सिद्धांत के आधार पर डायनेमो (Dynamo) का आविष्कार किया था जिसका विशाल रूप जनरेटर है और आधुनिक बिजली उत्पादन घरों (Power Generating Stations) में ऐसे विशाल जनरेटर के परिष्कृत रूप अल्टरनेटर का उपयोग करके ही बिजली बनाई जाती है।

माइकल फैराडे के विद्युत चुंबकत्व प्रेरण (electromagnetic induction) के सिद्धांत के मुताबिक जब किसी सुचालक धातु के तार को किसी बदलते हुए चुंबकीय क्षेत्र में रखते हैं, तो उस तार में विद्युत प्रभाव बल यानी कि इलेक्ट्रोमोटिव फोर्स (emf) उत्पन्न होता है GK In Hindi General Knowledge।

ये कैसे काम करती है और बिजली उत्पन होती है

जब किसी विद्युत चालक धातु से बने किसी कुंडली को परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र मे लाया जाता है तो उसमे विद्युत धारा का प्रवाह होता है। यहां पर हम कुंडली को स्थिर रख कर, चुंबकीय क्षेत्र को गतिमान बनी सकते हैं या चुंबक को स्थिर रख कुंडली को गतिमान रख सकते हैं। प्रभाव वही होगा सामान्य रूप से हम करेंट केरिंग कंडक्टर को एक प्राइम मूवर या इंजिन की मदद से एक ध्रुवीयता वाले चुंबकीय क्षेत्र मे घुमाते हैं।

GK In Hindi General Knowledge चुंबकीय क्षेत्र से संबंधित चुंबकीय फ्लक्स मे तीव्रता से परिवर्तन होता है और कोइल मे विघुत धारा बहने लगती है। वहीं अब यह हम पर निर्भर है कि हम प्राइम मूवर कैसा चुनते हैं। पेट्रोल, गैस, भाप, या जल ऊर्जा ,या पवन ऊर्जा से प्रचलित।

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