स्कूल की बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं – Why are school buses yellow | GK in Hindi

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हमारे आसपास के शहर में बहुत सी स्कूल रहती है | स्कूल में बच्चों को लाने ले जाने के लिए बस की सुविधा होती है | लेकिन कभी सोचा है स्कूल की बस पीले रंग की क्यों होती है | क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है या ऐसे ही सरकार ने नियम बनाया है | इस सवाल का जवाब आपको इस पोस्ट में मिल जाएगा कि स्कूल की बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं | स्कूल संचालक हो स्कूल बस के पीले रंग के अलावा बहुत से नियमों का पालन करना पड़ता है | स्कूल बसों में सुरक्षा रखना अत्यधिक आवश्यक है |

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स्कूल की बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं |

स्कूल की बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं GK in Hindi
स्कूल की बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं GK in Hindi

एक स्कूल बस में कम से कम 40 से 50 बच्चे सफर करते हैं | ऐसे में बच्चों को सुरक्षित घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाना बहुत ही आवश्यक है | स्कूल की बसों का रंग सुरक्षा की दृष्टि से पीला रखा जाता है | इसका कारण यह है कि पीला रंग आसानी से दिख जाता है | बस का पीला रंग होने के कारण दूर से देखी जा सकती हैं | बारिश में और कोहरे के समय इसके अलावा रात में पीला रंग आसानी से दिख जाता है |

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इसके लिए वैज्ञानिकों ने कई रिसर्च किये है | इसमें पाया कि स्कूल बस के पीले रंग के कारण दुर्घटना का खतरा बहुत कम हो जाता है | अमेरिकी वैज्ञानिकों ने 1930 में एक रिसर्च किया था इसमें पुष्टि हुई कि पीला रंग व्यक्ति की आंखों को जल्दी दिखाई देता है | सभी रंगों में से व्यक्ति की नजर सबसे पहले पीले रंग के ऊपर जाती है | इसी कारण बसों का रंग पीला रखा जाता है | वाहनों के सफेद लाइट के विभिन्न घटकों के बीच लाल रंग में अधिकतम तरंग धैर्य (Wavelength) होती है |

Why are school buses yellow

इसलिए यह रंग आसानी से बिखरता नहीं है और दूर से ही स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है | भारत में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश जारी हुए हैं इसके अनुसार स्कूल बस के आगे और पीछे School Bus लिखा होना आवश्यक है | अगर बस किराए की है तो उसके ऊपर ऑन ड्यूटी स्कूल बस (On Duty School Bus) लिखा होना जरूरी है | सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश का पालन नहीं करने पर स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है | इसके अलावा बस में फर्स्ट एड बॉक्स (First Aid Box) होना जरूरी है | और स्कूल बस की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं होना चाहिए |

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स्कूलों को यह भी निर्देश जारी है कि बस में सीटों के आधार पर ही बच्चों को बैठाना चाहिए अगर बच्चे की उम्र 12 साल से कम है तो वाहन में सीट से 1.5 ज्यादा बच्चे बैठा सकते हैं| जबकि 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को पूरी एक सीट दी जाना आवश्यक है | GK Question & Answers General Knowledge में ऐसे प्रश्न अक्सर पूछे जाते है | इसके अलावा GK In Hindi Download कर सकते है | यह एक सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी है जो परीक्षाओ में General Knowledge / Curent Affairs in Hindi / GK Ke Question के अंतर्गत पूछे जाते है |

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