इंदौर में बेकाबू हुआ कोना वायरस,  59 की रिपोर्ट फिर आई  पॉजिटिव | MP News

Advertisement

इंदौर में बेकाबू हुआ कोना वायरस: इंदौर के कई क्षेत्र को कंटेंटमेंट घोषित किया जा चुका है ! प्रशासन और सरकार की ख्यति के बाद भी कोरोना वायरस  काबू में नहीं हो रहा है ! दिनोंदिन मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है ! इसे देखते हुए लोग दान को 30 मई तक और बढ़ा दिया गया है |  बुधवार को आई रिपोर्ट में 59  लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है |  जबकि मंगलवार को 78 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव (Report Positive) आई थी |  इंदौर कलेक्टर के अनुसार  मरीजों की संख्या कम होने की संभावना है |  हालात को देखते हुए अगर मरीजों की संख्या कम होती है तो 30 मई के बाद लॉकडाउन खोल दिया जाएगा |  इंदौर में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 2700 यह पार हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि मध्यप्रदेश में  मरीजों के आंकड़े हजार हो चुके हैं |

Advertisement

इंदौर में बेकाबू हुआ कोना वायरस,  59 की रिपोर्ट फिर आई  पॉजिटिव

इंदौर में बेकाबू हुआ कोना वायरस
इंदौर में बेकाबू हुआ कोना वायरस

 इससे पहले इंदौर कलेक्टर ने कहा था कि जनता प्रशासन को 20 दिन दे तो कोरोनावायरस पर  काबू पाया जा सकता है |परंतु एक महीने बाद भी कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है |  मरीजों यह संख्या बढ़ती ही जा रही है |  ऐसे में उद्योगों की राजधानी इंदौर में सरकार को संकट में डाल दिया है |  किसी प्रदेश की आधे से ज्यादा आर्थिक स्थिति  इंदौर संभालता है |  बड़ी संख्या में इंडस्ट्रियल एरिया में कंपनियां हैं |  इंदौर की ऐसी हालत देखते हुए प्रशासन को चिंता में डाल दिया है |

 बुधवार को 644  लोगों के सैंपल लिए थे ! जिनमें से 581 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव (Report Positive) आई जबकि 59 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है ! इंदौर जिले में 2700 के आसपास  मरीज है !  सरकार के अनुसार 30 मई तक मरीजों की संख्या में कमी आ जाएगी जबकि 15 जून तक 97% संक्रमण खत्म हो जाएगा |  इंदौर में अभी 40 इलाकों से कंटेंटमेंट  हटा लिया गया है |  परंतु कुछ नए क्षेत्रो को  हॉटस्पॉट क्षेत्र बनाया गया है |   कुछ इलाकों में ज्यादा मरीज होने के कारण पूरे इलाके को सील कर दिया गया है |

Advertisement

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा मजदूर इंदौर में फसें हैं

 प्रदेश सरकार भले ही कह रही हो कि दूसरे राज्यों से मजदूरों को घर वापस लाया जा रहा है परंतु असलियत यह है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा इंदौर में मजदूर फंसे हुए हैं |  नगर निगम और प्रशासन द्वारा खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है | इसके बावजूद मजदूर घर आते नजर आ रहे हैं |  किराए  से रह रहे मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है  ऐसे में  मजदूर रातो रात अपना सामान बांधकर घर भाग रहे है |  ऐसे में गांव में संक्रमण फैलने का खतरा है |

 गुजरात से आए मजदूरों को रख रहे हैं स्कूलों में

 कंपनियों में काम कर  रहे मजदूरों को  गुजरात से लाया जा रहा है !  सैंपल लेकर रिपोर्ट आने तक  उन्हें  14 दिन तक शासकीय स्कूल में रखा जा रहा है ! ताकि संक्रमित व्यक्ति  किसी के संपर्क में ना आये |

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here