MP By-elections 2020 : हाथरस मामले को लेकर उपचुनाव में उतरने वाली है कांग्रेस, भाजपा की बढ़ सकती है मुसीबत

Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में 28 सीटों को लेकर होने वाले विधानसभा उपचुनाव (MP By-elections 2020) के तारीख का ऐलान हो गया है। राज्य में उपचुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू कर दी गई है और चुनावी पार्टियां अपने-अपने पार्टी को जीत दिलाने के लिए चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। कांग्रेस पार्टी (CONGRESS) मध्य प्रदेश के उपचुनाव (MP By-elections 2020) में जीत हासिल करने के लिए अब एक नया मुद्दा तैयार कर रही है। दरअसल कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले को लेकर उप चुनाव में उतरने वाली है और कांग्रेस के इस कदम से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मुसीबत बढ़ सकती है।

MP By-elections 2020 : हाथरस मामले को लेकर उपचुनाव में उतरने वाली है कांग्रेस, भाजपा की बढ़ सकती है मुसीबत

MP By-elections 2020 : हाथरस मामले को लेकर उपचुनाव में उतरने वाली है कांग्रेस, भाजपा की बढ़ सकती है मुसीबत

देश भर में बढ़ रही है महिलाओं के प्रति हिंसा

देशभर में जिस तरह महिलाओं के प्रति हिंसा बढ़ रही है और जिस तरह से उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ दरिंदगी हुई है। इस को लेकर कांग्रेस पार्टी (CONGRESS) अब मध्य प्रदेश के उपचुनाव (MP By-elections 2020) में मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा सरकार (BJP) पर हमलावर रुख अपना रही है। कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के भी कई स्थानों पर महिलाओं को लेकर हैवानियत की खबरें सामने आई और अब कांग्रेस से महिलाओं के साथ होने वाले इस अत्याचार को लेकर भाजपा (BJP) के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस पार्टी महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की पुरजोर कोशिश कर रही है और अब इस मुद्दे को लेकर देखा जाए तो भाजपा घिरती हुई नजर आ रही है।

मध्य प्रदेश की 11 सीटें हैं आरक्षित

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में 28 सीटों को लेकर विधानसभा उप चुनाव (MP By-elections 2020) होने वाले हैं और सबसे खास बात यह है कि 28 विधानसभा सीटों में 11 सीटें आरक्षित वर्ग के लिए है। इन 11 आरक्षित सीटों में सबसे अधिक दलित समुदाय के लोग हैं और ऐसा माना जा रहा है कि दलित बहुल सीटें होने के कारण कांग्रेस पार्टी (CONGRESS) का हाथरस वाला मुद्दा कांग्रेस पार्टी को जीत की ओर ले कर जा सकता है। कांग्रेस पार्टी ने जिस तरीके सेउत्तर प्रदेश के हाथरस का मामला उठाकर मध्यप्रदेश की घटनाओं का भी जिक्र किया है उसको देखकर ऐसा लग रहा है कि दलित वोट बैंक में कांग्रेस पार्टी (CONGRESS) की पकड़ मजबूत होगी।‌ हालांकि आपको बता दें कि ग्वालियर चंबल क्षेत्र की 11 विधानसभा सीटों में बहुजन समाज पार्टी की भी अच्छी पकड़ है।

बहुजन समाज पार्टी बिगड़ सकती है भाजपा का खेल

ग्वालियर चंबल क्षेत्र के 11 विधानसभा सीटों में आरक्षित सीटें होने के कारण बहुजन समाज पार्टी (BSP)का उन सभी सीटों में अच्छी पकड़ देखी जा रही है। ऐसे में कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि बहुजन समाज पार्टी भाजपा के रास्ते की रुकावट बन सकती है। ऐसा अंदेशा लगाया जा रहा है कि इन सीटों पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) भाजपा (BJP) को टक्कर देगी और इसी का सीधा फायदा कांग्रेस पार्टी को मिलेगा। जानकारी के लिए बता दें कि 28 विधानसभा सीटों में ग्वालियर चंबल क्षेत्र की 11 विधानसभा सीटें आरक्षित वर्ग की हैं और 17 सीटें सामान्य वर्ग की है। ऐसे में जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित समाज की बेटी के साथ दरिंदगी हुई है, इसको देखते हुए कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश के 11 आरक्षित सीटों में अपनी पकड़ बनाने की पुरजोर कोशिश करती हुई नजर आ रही है। ‌

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