महापंडित आचार्य चाणक्य कौन थे? जानिए आचार्य चाणक्य द्वारा लिखा गया श्लोक से आपको कैसे सफलता प्राप्त हो सकती हैं।

Who was the great Acharya Chanakya? आचार्य चाणक्य द्वारा चाणक्य नीति में जीवन में सफलता पाने के अचूक मंत्र दिए गए हैं। चाणक्य नीति में लोगों की पहचान करने को लेकर भी कई सारी बातें बताई हैं. उन्होने अपने नीति शास्त्र ग्रंथ में एक श्लोक के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के बारे में बताया जो कभी धोखा नहीं दे सकता है. चाणक्‍य जी ने बहुत सी बाते बताई हैं, यदि कोई व्यक्ति उन बातो का सही से पालन कर ले तो वह जीवन में कभी भी असफल नहीं होगा। चाणक्य नीति शास्त्र में एक प्रकार से सफल जीवन जीने के तरीके बताए गए हैं। उनका एक श्‍लोक कहां था जिसके माध्‍यम से आप सफलता को हासिल कर सकते हैं।

Who was the great Acharya Chanakya?

Who was the great Acharya Chanakya?
Who was the great Acharya Chanakya?

आइए जानते हैं कौन थे महापंडित आचार्य चाणक्य जी?

आचार्य चाणक्य को महान शिक्षाविद और अर्थशास्त्री माना जाता है। आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। महाना अर्थशास्त्री और  राजनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने अपनी किताब ‘चाणक्य नीति’ में जीवन में क्या करें और ना करें को लेकर कई ऐसी नीतियों को वर्णन किया है। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात हुए। “चाणक्य नीति” आचार्य चाणक्य की नीतियों का अद्भुत संग्रह है, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना वह दो हजार चार सौ साल पहले था, जब इसे लिखा गया था । इतनी सदियाँ गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा बताए गए सिद्धांत ‍और नीतियाँ प्रासंगिक हैं तो मात्र इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने गहन अध्‍ययन, चिंतन और जीवानानुभवों से अर्जित अमूल्य ज्ञान को, पूरी तरह नि:स्वार्थ होकर मानवीय कल्याण के उद्‍देश्य से अभिव्यक्त किया।

आचार्य चाणक्य द्वारा लिखा गया श्लोक

नि:स्पृहो नाधिकारी स्यान्नाकामो मण्डनप्रिय:।

नाऽविदग्ध: प्रियं ब्रूयात् स्पष्टवक्ता न वञ्चक:।।

आचार्य चाणक्य इस श्लोक में कहते हैं कि बिना फल की चाह रखते हुए जो व्यक्ति किसी की मदद करता है वो कभी धोखा नहीं दे सकता है, चाणक्य कहते हैं कि जिसे कुछ पाने की लालसा नहीं होती वो निस्वार्थ भावना के साथ काम करता है, इसलिए ऐसा व्यक्ति किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। स्पष्ट बात करने वाला व्यक्ति कभी धोखा नहीं देता, क्योंकि उसे सभी बातों को साफ-साफ कहने की आदत होती है,चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति चौकाचौंध से प्रभावित न हो और आभूषण जैसे शरीर की शोभा बढ़ाने वाली वस्तुओं का त्याग करता है उस पर आप आंख बंद कर भरोसा कर सकते हैं, वो कभी आपको धोखा नहीं दे सकता है। यह बात बिल्‍कुल सत्‍य हैं कि कभी मूर्ख व्यक्ति धोखा नहीं दे सकता, क्योंकि उनके द्वारा किया जाने वाला काम किसी भी स्वार्थ से परे होता है, क्योंकि मूर्ख व्यक्ति खुद के भले के बारे में भी नहीं सोच पाता, तो ऐसे में वो किसी और को धोखा नहीं दे सकता है।

आप स्‍पष्‍ट बोलने वाले व्‍यक्ति पर भरोसा कर सकते हैं

चाणक्य नीति द्वारा मित्र-भेद से लेकर दुश्मन तक की पहचान, पति-परायण तथा चरित्र हीन स्त्रियों में विभेद, राजा का कर्तव्य और जनता के अधिकारों तथा वर्ण व्यवस्था का उचित निदान हो जाता है। चाणक्य कहते हैं कि स्पष्ट बोलने वाला व्यक्ति अपनी बात रखने से पहले ये नहीं सोचत कि दूसरे लोग उस पर क्या कहेंगे, इसलिए ऐसे व्यक्ति पर भी पूरी तरह से भरोसा किया जा सकता है, क्योंकि ऐसे लोगों के मन में किसी प्रकार का छल नहीं होता, महापंडित आचार्य चाणक्य की ‘चाणक्य नीति’ में कुल सत्रह अध्याय होते हैं।

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