Employees State Insurance Scheme : अब प्राइवेट नौकरी करने वाले भी उठा सकते हैं इस योजना का लाभ, होगा मुफ्त इलाज और मिलेगी पेंशन

Employees State Insurance Scheme अब प्राइवेट नौकरी करने वाले भी उठा सकते हैं इस योजना का लाभ, होगा मुफ्त इलाज और मिलेगी पेंशन : मौजूदा सरकार ने देश के नागरिकों के लिए कई तरह की योजनाएं लागू की हैं, जिसमें से कुछ देश के गरीब नागरिकों के लिए हैं, तो कुछ देश के किसानों के लिए, तो कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है, लेकिन अब ऐसे नहीं होगा ! जी हां, सरकार द्वारा इंश्योरेंस से जुड़ी एक सरकारी योजना लागू की गई है, जिसका लाभ प्राइवेट नौकरी करने वाले भी उठा सकते हैं !

Employees State Insurance Scheme : अब प्राइवेट नौकरी करने वाले भी उठा सकते हैं इस योजना का लाभ, होगा मुफ्त इलाज और मिलेगी पेंशन

Employees State Insurance Scheme : अब प्राइवेट नौकरी करने वाले भी उठा सकते हैं इस योजना का लाभ
Employees State Insurance Scheme : अब प्राइवेट नौकरी करने वाले भी उठा सकते हैं इस योजना का लाभ

अब प्राइवेट नौकरी करने वाले व्यक्ति को घबराने की जरूत नहीं है क्योंकि सरकार की योजना का लाभ उनका भी मिल सकेगा ! जैसा की आप सभी जानते हैं कि देश के हालात भले ही सुधरे हुए लग रहे हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं देश की आर्थिक स्तिथि अभी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई है ! आज भी कई ऐसे प्राइवेट कंपनिया हैं जो पैसा न दे पाने के कारण अपने कर्मचारी को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं, तो ऐसे में अगर किसी प्राइवेट नौकरी कर रहे किसी भी व्यक्ति की नौकारी जाने के बाद आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है सकता है, लेकिन अब नौकरी जाने के बाद भी आपको पैसे की समस्या नहीं होगी !

इस योजना के तहत प्राइवेट वाले भी ले सकते हैं लाभ

जी हां, सरकार ने इसकी भी पूरी व्यवस्था कर दी है ! अगर आप किसी प्राइवेच कंपनी में कान करते हैं और आपकी नौकरी छूट जाती है तो सरकार द्वारा लागू की गई कर्मचारी राज्य बीमा निगम (Employees State Insurance Scheme) आपके बेहद काम आ सकती है ! इस योजना के तहत आपको 24 महीने तक यानी की 2 साल तक पैसा देगी ! दरअसल, राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना (RGSKY) के तहत ईएसआईसी (ESIC) के बीमित व्यक्तियों को नौकरी छूटने पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है !

इस योजना (ESIS) के तहत उन कर्मचारियों को शामिल किया जाता है, जिन्हें कारखानों/प्रतिष्ठानों के बंद होने, छंटनी या स्थायी अवैधता के कारण अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ता है ! साथ ही इस योजना का लाभ वो कर्मचारी उठा सकते हैं जिन्होंने किसी भी कंपनी में 2 साल से काम किया हो ! इसके लिए बेरोजगारी के पहले 2 साल में हर अंशदान अवधि में कम से कम 78 दिनों का अंशदान किया गया हो !

किन कर्मचारियों को मिलता है लाभ

केंद्रीय श्रम मंत्रालय (Union Ministry of Labor) ने निजी कर्मचारियों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIS) की शुरूआत की थी ! इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है, जिनकी मंथली इनकम 21,000 हजार रुपये या उससे कम होती है ! साथ ही इस योजना के तहत दिव्यांगजनों के मामले में यह सीमा 25,000 रुपये है ! योजना के तहत निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ मिलता है !

कर्मचारियों को कैसे होता ह फायदा

कर्मचारी राज्य बीमा योजना (Employees State Insurance Scheme) के तहत आपको हेल्थ कवर (Health cover) और अस्पताल में मुफ्त इलाज (Free treatment in hospital) से लेकर फैमिली पेंशन (Family pension) तक का लाभ आसानी से मिलता है ! इसके मतलब यह है कि कर्मचारी और उनके आश्रित इलाज का खर्चा लेने के हकदार होते हैं ! साथ ही किसी तरह की खास परिस्थितियों में आपको योजना के तहत नकद लेने का भी पूरा अधिकार मिलता है !

योजना का लाभ

1). चिकित्सा लाभ (medical benefits) – लाभार्थी व्यक्ति और उस पर आश्रित पारिवारिक सदस्यों को इलाज का लाभ मिलता है !
2). मातृत्व लाभ (Maternity benefit) – मैटरनिटी लीव (Maternity leave) के दौरान डिलीवरी में 26 हफ्तों तक, गर्भपात के मामले में 6 हफ्तों तक, कमीशनिंग मां या दत्तक मां को 12 हफ्तों तक औसत डेली सैलरी (Daily salary) का 100 फीसदी नकद भुगतान किया जाता है !
3). नि:शक्तता लाभ (Disability benefits) – लाभार्थी व्यक्ति को टेंपरेरी डिसेबिलिटी (Temporary Disability) की स्थिति में चोट ठीक होने तक और परमानेंट डिसेबिलिटी (Permanent disability) की स्थिति में मासिक पेंशन का भुगतान किया जाता है !
4). आश्रितजन लाभ (Dependent benefit) – लाभार्थी व्यक्ति की रोजगार के दौरान मौत होने पर आश्रितों को नियत अनुपात में मासिक पेंशन (Monthly pension) का लाभ मिलता है !

कर्मचारी और नियोक्ता का कितना होता है योगदान

बता दें कि इस सरकारी योजना (Karamchari Rajay Bima Yojana) में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है ! फिलहाल कर्मचारी की सैलरी से मजदूरी का 1.75 फीसदी योगदान ईएसआईसी (ESIC) में होता है और नियोक्ता की ओर से मजदूरी का 4.75 फीसदी योगदान किया जाता है !

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